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परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस: आवेदन, ड्राइविंग टेस्ट और फीस

लर्नर लाइसेंस को 30 दिन हो जाने के बाद, Sarathi पर परमानेंट DL के लिए आवेदन करें, फीस दें, ड्राइविंग टेस्ट का स्लॉट बुक करें और अपने RTO पर उसी श्रेणी के वाहन से टेस्ट पास करें। केंद्रीय फीस हर श्रेणी के टेस्ट के लिए ₹300, लाइसेंस के लिए ₹200 और स्मार्ट कार्ड के लिए ₹200 है, साथ में राज्य का शुल्क। कार्ड डाक से भेजा जाता है और DigiLocker में भी दिखता है।

केंद्रीय फीस
एक श्रेणी के लिए ₹700
कब
LL के 30 दिन से 6 महीने तक
कहाँ
Sarathi पर आवेदन; टेस्ट RTO पर
क्या चाहिए
लर्नर लाइसेंस, कागज़ों के साथ वाहन
कितना आसान
मध्यम: पहले अभ्यास करें
लर्नर से लाइसेंस तक: 30 दिन दिखाता कैलेंडर, कोन लगे टेस्ट ट्रैक पर एक कार, अंगूठा दिखाकर पास करता RTO इंस्पेक्टर, और डाक से व फ़ोन पर आता ड्राइविंग लाइसेंस कार्ड। LL + 30 दिन 31 1 · आवेदन और बुकिंग L 2 · ड्राइविंग टेस्ट पास करें ड्राइविंग लाइसेंस MCWG · LMV DigiLocker स्पीड पोस्ट 3 · आपका लाइसेंस
लर्नर लाइसेंस → ड्राइविंग टेस्ट → परमानेंट लाइसेंसचित्र · आधिकारिक तस्वीर नहीं
इस पेज पर
  1. आवेदन कब कर सकते हैं?
  2. दस्तावेज़ और फीस
  3. आवेदन कैसे करें और टेस्ट कैसे बुक करें
  4. टेस्ट का दिन: क्या लाएँ और किस चीज़ की जाँच होती है
  5. नतीजा, दोबारा टेस्ट और मंज़ूरी
  6. RTO टेस्ट से छूट: मान्यता प्राप्त ट्रेनिंग सेंटर
  7. लाइसेंस कब और कैसे आता है
  8. अपने लाइसेंस में नई वाहन श्रेणी जोड़ें
  9. समस्याएँ और समाधान
  10. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन कब कर सकते हैं?

ड्राइविंग टेस्ट आप तभी दे सकते हैं जब आपके लर्नर लाइसेंस को कम से कम 30 दिन हो गए हों। साथ ही, टेस्ट आपको लर्नर लाइसेंस के वैध रहते ही पास करना होगा, यानी जारी होने से 6 महीने के अंदर। दिल्ली का परिवहन विभाग इसे आसान शब्दों में कहता है: एक महीने बाद और छह महीने के अंदर आवेदन करें।

व्यस्त RTO में टेस्ट स्लॉट कई दिन या हफ़्तों तक भरे रह सकते हैं। 30वें दिन के बाद जल्दी आवेदन करें, ताकि फ़ेल होने पर भी लर्नर लाइसेंस खत्म होने से पहले दोबारा टेस्ट का समय बचा रहे।

क्या चाहिए, और कितना खर्च आता है?

दस्तावेज़

  • आपका लर्नर लाइसेंस, जो वैध हो और कम से कम 30 दिन पुराना हो (टेस्ट के दिन असली या प्रिंटआउट लाएँ)।
  • आवेदन, जो आप Sarathi पर भरते हैं (लर्नर लाइसेंस की जानकारी अपने-आप आ जाती है)।
  • फ़ोटो और हस्ताक्षर: कुछ राज्यों में (जैसे तमिलनाडु) टेस्ट के दिन RTO पर लिए जाते हैं, या आवेदन के साथ अपलोड किए जाते हैं।
  • टेस्ट वाले वाहन के लिए: उसका रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), वैध बीमा, PUC सर्टिफिकेट और टैक्स के कागज़, और L प्लेट।
  • अगर आपने किसी ड्राइविंग स्कूल से ट्रेनिंग ली है: उसका सर्टिफिकेट (Form 5)। मान्यता प्राप्त सेंटर से: Form 5B (नीचे देखें)।
  • अगर आपका राज्य माँगे तो Form 1A मेडिकल सर्टिफिकेट (ट्रांसपोर्ट वाहनों के लिए हमेशा; कई राज्यों में 40 साल की उम्र से भी)।

फीस

फीस का मदकेंद्रीय फीसकुछ राज्य कितना लेते हैं
ड्राइविंग टेस्ट (या दोबारा टेस्ट), हर वाहन श्रेणी के लिए₹300दिल्ली: लाइसेंस ₹200 + स्मार्ट कार्ड ₹200 = ₹400, साथ में टेस्ट फीस। तमिलनाडु: एक श्रेणी के लिए ₹800, दो के लिए ₹1,100।
ड्राइविंग लाइसेंस जारी करना₹200
स्मार्ट कार्ड₹200
एक श्रेणी का कुल₹700साथ में राज्य का सर्विस शुल्क; अंतिम रकम Sarathi दिखाता है

आवेदन कैसे करें और ड्राइविंग टेस्ट कैसे बुक करें?

आपSarathi / RTOफीस या इंतज़ार

लर्नर लाइसेंस से परमानेंट लाइसेंस तक
  1. लर्नर लाइसेंस को कम से कम 30 दिन होने दें
  2. Sarathi पर अपना राज्य चुनें, फिर Apply for Driving Licence; अपना लर्नर लाइसेंस नंबर और जन्म तारीख डालें
  3. फीस दें: हर श्रेणी ₹300 टेस्ट + ₹200 लाइसेंस + ₹200 कार्ड + राज्य का शुल्क
  4. स्लॉट बुक करें: Appointments → DL Test Slot Booking
  5. RTO पर उसी श्रेणी के वाहन से ड्राइविंग टेस्ट दें
  6. क्या आप पास हुए?नहीं: ₹300 दें और दोबारा टेस्ट बुक करें
  7. RTO मंज़ूरी देता है; कार्ड डाक से आता है और आपका लाइसेंस DigiLocker में दिखने लगता है
  1. Sarathi खोलें: sarathi.parivahan.gov.in पर जाएँ और अपना राज्य चुनें।
  2. आवेदन शुरू करें: Apply for Driving Licence चुनें (मेन्यू: Driving Licence → New Driving Licence)। अपना लर्नर लाइसेंस नंबर और जन्म तारीख डालें। आपकी जानकारी और श्रेणियाँ लर्नर लाइसेंस से आ जाती हैं।
  3. पेज जो भी माँगे, जैसे फ़ोटो, हस्ताक्षर या Form 1A, वह अपलोड करें।
  4. Fee Payments में फीस दें। अगर पैसे कट गए लेकिन पुष्टि नहीं हुई, तो दोबारा पैसे देने से पहले Verify Payment Status जाँचें।
  5. टेस्ट बुक करें: Appointments → DL Test Slot Booking। तारीख चुनें और स्लॉट की रसीद प्रिंट करें। तारीख बदलनी हो, तो स्लॉट रद्द करें (Cancel DL Test Slot) और फिर से बुक करें।
  6. तय तारीख पर अपने दस्तावेज़ और वाहन लेकर टेस्ट देने जाएँ (अगला हिस्सा देखें)।

✔ काम हो गया, यह ऐसे पता चलेगा: स्लॉट की रसीद पर आपका नाम, RTO, तारीख और समय, और वाहन श्रेणी दिखेगी।

Sarathi खोलें (आधिकारिक) sarathi.parivahan.gov.in

ड्राइविंग टेस्ट के दिन क्या होता है?

ये चीज़ें साथ लाएँ

  • आपका लर्नर लाइसेंस (असली या प्रिंटआउट) और स्लॉट की रसीद।
  • फ़ोटो वाला कोई पहचान दस्तावेज़।
  • जिस श्रेणी का टेस्ट है, उसी का वाहन, अच्छी हालत में, L प्लेट के साथ।
  • उस वाहन की RC, वैध बीमा, PUC सर्टिफिकेट और टैक्स के कागज़।
  • दोपहिया टेस्ट के लिए हेलमेट; कार में सीट बेल्ट लगाएँ।
  • अगर आपने ड्राइविंग स्कूल या मान्यता प्राप्त सेंटर से ट्रेनिंग ली है, तो Form 5 या Form 5B।

RTO पर पहले आपके दस्तावेज़ और फ़ोटो जाँचे जाते हैं। फिर एक इंस्पेक्टर (या कैमरे और सेंसर वाला ऑटोमेटेड ट्रैक) आपको गाड़ी चलाते हुए देखता है। आपको क्या करना होगा, यह वाहन पर निर्भर करता है:

दोपहिया टेस्ट

ज़्यादातर RTO एक निशान लगे ट्रैक का इस्तेमाल करते हैं, अक्सर 8 के आकार का, जिसमें आपको तंग मोड़ों से धीरे-धीरे, पैर नीचे रखे बिना और लाइनें पार किए बिना निकलना होता है। कुछ राज्य सड़क पर छोटी सवारी या एक संकरी सीधी लेन भी जोड़ते हैं।

  • हेलमेट पहनें और उसका स्ट्रैप बाँधें।
  • चलना शुरू करने से पहले और हर मोड़ से पहले कंधे के ऊपर से पीछे देखें और इंडिकेटर दें।
  • रफ़्तार एक जैसी और धीमी रखें; बैलेंस एक्सीलेरेटर और पिछले ब्रेक से बनाएँ, पैरों से नहीं।

कार टेस्ट

नियमों के अनुसार आपको दिखाना होता है कि आप कार को कंट्रोल कर सकते हैं: चलना शुरू करना और गियर बदलना, धीमा होना और गियर कम करना, कम जगह में पीछे करना, और आगे-पीछे के गियर से कार को घुमाना। RTO इसे अपने बनाए ट्रैक पर जाँचते हैं, जैसे H या S आकार का ट्रैक, पैरलल पार्किंग और ढलान।

  • शुरू करने से पहले सीट बेल्ट लगाएँ, शीशे और सीट ठीक करें।
  • हर बार मुड़ने या हटने से पहले इंडिकेटर दें और शीशे देखें।
  • ढलान पर कार को हैंडब्रेक से रोकें, और पीछे लुढ़के बिना आगे बढ़ें।
  • धीरे-धीरे पीछे करें; खंभों, किनारों या लाइनों को न छुएँ।

लोग फ़ेल क्यों होते हैं

जिन चीज़ों की जाँच होती है, उनमें ये आम गलतियाँ हैं: लाइन, खंभे या कोन को छू लेना; दोपहिया ट्रैक पर पैर नीचे रख देना; ढलान पर पीछे लुढ़कना; इंडिकेटर न देना या शीशे न देखना; बार-बार गाड़ी बंद हो जाना; और सीट बेल्ट या हेलमेट भूल जाना। टेस्ट से पहले अपने RTO के ट्रैक जैसे ढाँचे पर अभ्यास करें; ड्राइविंग स्कूलों में अक्सर वैसा ही ट्रैक होता है।

ऑटोमेटेड ट्रैक पर (दिल्ली और कुछ दूसरे राज्यों में), नतीजा सेंसर और कैमरे तय करते हैं। मशीन से बहस नहीं हो सकती, इसलिए तब तक अभ्यास करें जब तक हर काम बिना कुछ छुए न कर सकें।

टेस्ट के बाद क्या होता है?

आप पास हुए

इसके बाद RTO आवेदन को मंज़ूरी देता है। आप Sarathi पर Application Status में इसे देख सकते हैं। मंज़ूरी के बाद लाइसेंस स्मार्ट कार्ड के रूप में प्रिंट होकर आपको डाक से भेजा जाता है, और DigiLocker व mParivahan में दिखने लगता है।

आप फ़ेल हुए

दोबारा टेस्ट की फीस (हर श्रेणी ₹300) दें और नया स्लॉट बुक करें। कितना इंतज़ार करना होगा, यह हर राज्य तय करता है। उदाहरण के लिए, तमिलनाडु 7 दिन बाद दोबारा टेस्ट की अनुमति देता है, और तीन बार फ़ेल होने पर 60 दिन इंतज़ार करना होता है।

अपने लर्नर लाइसेंस की समाप्ति तारीख पर नज़र रखें। अगर पास होने से पहले यह खत्म हो जाए, तो आपको पहले नया लर्नर लाइसेंस लेना होगा।

क्या ड्राइविंग स्कूल का सर्टिफिकेट RTO टेस्ट की जगह ले सकता है?

सिर्फ़ मान्यता प्राप्त सेंटर का। 1 जुलाई 2021 से नियम मान्यता प्राप्त ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर (ADTC) की अनुमति देते हैं, जिन्हें राज्य परिवहन प्राधिकरण मंज़ूरी देता है और जिनमें सिम्युलेटर और अलग टेस्ट ट्रैक होता है। अगर आप कोर्स पूरा करके उसका टेस्ट पास कर लेते हैं, तो सेंटर Form 5B में सर्टिफिकेट देता है, और यह सर्टिफिकेट आपको RTO के ड्राइविंग टेस्ट से छूट देता है। लाइसेंस फिर भी RTO ही जारी करता है।

आम ड्राइविंग स्कूल Form 5 ट्रेनिंग सर्टिफिकेट देता है। इससे पता चलता है कि आपने ट्रेनिंग ली है, लेकिन RTO टेस्ट फिर भी देना होता है। जून 2024 में दावे किए गए थे कि 1 जून से प्राइवेट ड्राइविंग स्कूल लाइसेंस जारी कर सकेंगे या RTO टेस्ट खत्म हो रहा है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने साफ़ किया कि सिर्फ़ मान्यता प्राप्त सेंटर का Form 5B ही टेस्ट से छूट देता है, और लाइसेंस अब भी RTO ही जारी करता है।

ड्राइविंग लाइसेंस कब और कैसे आता है?

  • पहले आपके फ़ोन पर। लाइसेंस जारी होते ही आप इसे DigiLocker या mParivahan ऐप में जोड़ सकते हैं। वहाँ लिया गया लाइसेंस कानूनी रूप से कार्ड के बराबर है।
  • कार्ड स्पीड पोस्ट से आपके आवेदन में दिए पते पर आता है। इसे Sarathi पर ट्रैक करें: Others → Track Dispatch Article Status।
  • कितना समय? पूरे देश के लिए कोई तय समय नहीं है; यह आपके RTO की प्रिंटिंग और डाक पर निर्भर करता है। अगर कुछ हफ़्तों में कुछ न आए, तो डिस्पैच स्टेटस देखें, फिर RTO से संपर्क करें।

आप Sarathi पर Driving Licence → Print Driving Licence में अपने लाइसेंस की जानकारी प्रिंट भी कर सकते हैं।

अपने मौजूदा लाइसेंस में कार या बाइक कैसे जोड़ें?

नई श्रेणी जोड़ने (इसे "endorsement" कहते हैं) का तरीका नए लाइसेंस जैसा ही है, बस उस एक श्रेणी के लिए:

  1. Sarathi पर नई श्रेणी का लर्नर लाइसेंस लें (आपको लर्नर टेस्ट फिर से देना होगा)।
  2. 30 दिन बाद, श्रेणी जोड़ने के लिए आवेदन करें: Driving Licence → Services on DL (या कुछ राज्यों में Others → Add Class of Vehicles)।
  3. उस वाहन में ड्राइविंग टेस्ट बुक करें और पास करें।
फीस का मद (केंद्रीय)रकम
नई श्रेणी का लर्नर लाइसेंस + लर्नर टेस्ट₹150 + ₹50
ड्राइविंग टेस्ट₹300
लाइसेंस में श्रेणी जोड़ना₹500
कुल₹1,000 साथ में राज्य का शुल्क

आपकी पुरानी श्रेणियाँ लाइसेंस पर बनी रहती हैं। अगर आप ट्रांसपोर्ट श्रेणी जोड़ रहे हैं, या आपकी उम्र में आपका राज्य इसे माँगता है, तो आपको Form 1A मेडिकल सर्टिफिकेट भी चाहिए।

क्या गड़बड़ हो सकती है, और उसे कैसे ठीक करें?

आपकी स्थितिआम तौर पर इसका मतलबक्या करें
Sarathi टेस्ट बुक नहीं करने दे रहाआपका लर्नर लाइसेंस 30 दिन से कम पुराना है, या आपने लर्नर वाले आवेदन का नंबर डाला31वें दिन तक इंतज़ार करें। ड्राइविंग लाइसेंस वाले आवेदन का नंबर इस्तेमाल करें (Others → Find Application Number)।
हफ़्तों तक कोई टेस्ट स्लॉट नहींRTO पूरी तरह बुक हैरद्द हुए स्लॉट के लिए रोज़ सुबह जल्दी देखें। पूछें कि क्या आपके इलाके का कोई दूसरा RTO आपका टेस्ट ले सकता है, या किसी मान्यता प्राप्त ट्रेनिंग सेंटर के बारे में सोचें।
टेस्ट के दिन गेट से लौटा दिया गयावाहन के कागज़ (RC, बीमा, PUC) नहीं थे या उनकी वैधता खत्म थी, या L प्लेट नहीं थीटेस्ट वाले वाहन के वैध कागज़ साथ रखें। नया स्लॉट बुक करें।
टेस्ट में फ़ेल हो गएकिसी काम में गलती: लाइन छूना, पीछे लुढ़कना, इंडिकेटर न देनाRTO के ट्रैक जैसे ढाँचे पर अभ्यास करें, ₹300 दें और राज्य का इंतज़ार का समय पूरा होने के बाद दोबारा टेस्ट बुक करें।
पास होने से पहले लर्नर लाइसेंस की वैधता खत्म हो गईछह महीने पूरे हो गएनया लर्नर लाइसेंस लें (Sarathi: Expired Learner Licence Issue Again, जहाँ उपलब्ध हो), फिर 30 दिन बाद फिर से आवेदन करें।
फीस कट गई लेकिन स्टेटस "failed" हैबैंक की पुष्टि Sarathi तक नहीं पहुँचीदोबारा पैसे देने से पहले Verify Payment Status इस्तेमाल करें; फिर बैंक रेफ़रेंस के साथ File Your Grievance करें।
हफ़्तों पहले पास हुए, कार्ड नहीं मिलाप्रिंटिंग या डाक में देरी, या गलत पताTrack Dispatch Article Status देखें; तब तक DigiLocker इस्तेमाल करें; RTO से संपर्क करें या शिकायत दर्ज करें।
लाइसेंस पर गलत श्रेणी, नाम या जन्म तारीखडेटा भरने में गलतीप्रमाण के साथ Services on DL से सुधार के लिए आवेदन करें। अगर गलती RTO की थी, तो RTO से संपर्क करें।
कोई स्कूल कहता है "RTO टेस्ट की ज़रूरत नहीं"वह Form 5 देता है, Form 5B नहींसिर्फ़ मान्यता प्राप्त सेंटर का Form 5B छूट देता है; मान्यता का प्रमाण माँगें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

लर्नर लाइसेंस के कितने समय बाद मुझे परमानेंट लाइसेंस मिल सकता है?

लर्नर लाइसेंस जारी होने के 30 दिन बाद आप ड्राइविंग टेस्ट दे सकते हैं, और 6 महीने पर लर्नर लाइसेंस की वैधता खत्म होने से पहले आपको पास होना होगा।

परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस की फीस कितनी है?

केंद्रीय फीस हर श्रेणी के टेस्ट के लिए ₹300, लाइसेंस के लिए ₹200 और स्मार्ट कार्ड के लिए ₹200 है: एक श्रेणी के लिए ₹700। राज्य अपना शुल्क जोड़ते हैं; जैसे तमिलनाडु एक श्रेणी के लिए कुल ₹800 लेता है।

क्या मैं अपने वाहन से टेस्ट दे सकता हूँ?

हाँ। जिस श्रेणी का टेस्ट है उसका वाहन लाएँ, उसकी RC, वैध बीमा, PUC सर्टिफिकेट और टैक्स के कागज़, और L प्लेट के साथ।

क्या ड्राइविंग स्कूल का सर्टिफिकेट RTO टेस्ट की जगह ले सकता है?

सिर्फ़ मान्यता प्राप्त ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर का Form 5B सर्टिफिकेट। आम स्कूल का Form 5 नहीं।

मैं ड्राइविंग टेस्ट में फ़ेल हो गया। दोबारा कब दे सकता हूँ?

हर श्रेणी के लिए ₹300 दें और अपने राज्य का इंतज़ार का समय पूरा होने के बाद फिर से बुक करें। तमिलनाडु में यह 7 दिन है, और तीन बार फ़ेल होने पर 60 दिन।

मैं अपना ड्राइविंग लाइसेंस कैसे ट्रैक करूँ?

Sarathi पर: डाक से आ रहे कार्ड के लिए Others → Track Dispatch Article Status, और मंज़ूरी के लिए Application Status।

क्या कार्ड आने से पहले DigiLocker वाली कॉपी मान्य है?

हाँ। परिवहन विभाग से DigiLocker या mParivahan में लिया गया लाइसेंस असली के बराबर माना जाता है। कार्ड की फ़ोटो मान्य नहीं है।

क्या एक ही लाइसेंस पर बाइक और कार दोनों हो सकते हैं?

हाँ। लर्नर लाइसेंस में दोनों श्रेणियाँ चुनें और हर एक का टेस्ट दें; हर टेस्ट ₹300 का है। आपको दोनों श्रेणियों वाला एक लाइसेंस मिलता है।

अपने दोपहिया लाइसेंस में कार कैसे जोड़ूँ?

LMV का लर्नर लाइसेंस लें, 30 दिन इंतज़ार करें, फिर श्रेणी जोड़ने के लिए आवेदन करें और कार का टेस्ट पास करें। केंद्रीय फीस कुल ₹1,000 बनती है।

परमानेंट लाइसेंस कितने समय तक वैध रहता है?

निजी लाइसेंस के लिए यह जारी होते समय आपकी उम्र पर निर्भर करता है: अगर आप 30 से कम हैं, तो 40 साल का होने तक। देखें लाइसेंस की वैधता और रिन्यूअल।

स्रोत

  1. Sarathi – लाइसेंस सेवाएँ; मेन्यू के नाम दिल्ली Sarathi होम पेज से (25 अक्टूबर 2026 को देखा गया)
  2. परिवहन विभाग, दिल्ली – परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस: 30 दिन से 6 महीने, दस्तावेज़, फीस (25 अक्टूबर 2026 को देखा गया)
  3. तमिलनाडु राज्य परिवहन प्राधिकरण – ड्राइविंग लाइसेंस: वाहन के दस्तावेज़, दोबारा टेस्ट 7 / 60 दिन, फीस (25 अक्टूबर 2026 को देखा गया)
  4. वाणिज्य और परिवहन विभाग, ओडिशा – आवेदन कैसे करें, फीस: स्पीड पोस्ट से डिलीवरी, दोबारा टेस्ट (25 अक्टूबर 2026 को देखा गया)
  5. परिवहन विभाग, उत्तराखंड – फीस ढाँचा: नियम 32 की फीस (25 अक्टूबर 2026 को देखा गया)
  6. PIB – मान्यता प्राप्त ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर के नियम (7 जून 2021) (25 अक्टूबर 2026 को देखा गया)
  7. PIB – ड्राइविंग लाइसेंस नियमों पर स्पष्टीकरण (1 जून 2024): Form 5B से टेस्ट में छूट; Form 5 से नहीं (25 अक्टूबर 2026 को देखा गया)
  8. PIB – ट्रेनिंग सेंटर नियमों में संशोधन (सितंबर 2022) (25 अक्टूबर 2026 को देखा गया)
  9. PIB – DigiLocker और mParivahan में रखे दस्तावेज़ मान्य (9 अगस्त 2018) (25 अक्टूबर 2026 को देखा गया)

पेज का इतिहास: 25 अक्टूबर 2026: पहली बार प्रकाशित। 25 अक्टूबर 2026: स्रोत केवल सरकारी वेबसाइटों तक सीमित किए गए।

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