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प्रैक्टिकल ड्राइविंग टेस्ट: क्या जाँचा जाता है और कैसे पास करें
प्रैक्टिकल ड्राइविंग टेस्ट RTO में, या ऑटोमेटेड टेस्ट ट्रैक पर, उसी श्रेणी के वाहन में होता है जिसके लिए आपने आवेदन किया है। लर्नर लाइसेंस को 30 दिन हो जाने के बाद, और उसके खत्म होने से पहले, आप यह टेस्ट दे सकते हैं। केंद्रीय मोटर वाहन नियम के नियम 15 में लिखा है कि परीक्षक क्या जाँचता है: शीशे (mirrors) और गाड़ी आगे बढ़ाना, गियर, ढलान पर बिना पीछे लुढ़के गाड़ी चलाना (हिल स्टार्ट), सिग्नल और लेन बदलना, इमरजेंसी में रुकना, रिवर्स करना, गाड़ी घुमाना, और दूसरे लोगों के साथ आपका व्यवहार। टेस्ट या दोबारा टेस्ट की फीस हर श्रेणी के लिए ₹300 है।
- सबसे जल्दी
- LL के 30 दिन बाद
- वाहन
- उसी श्रेणी का जिसके लिए आवेदन किया
- फीस
- हर श्रेणी के लिए ₹300
- जाँचे जाने वाले हुनर
- 24, नियम 15 में
- बुकिंग
- Sarathi पर
इस पेज पर
मैं ड्राइविंग टेस्ट कब दे सकता हूँ?
नियम 15(1) के अनुसार, कम से कम 30 दिन तक लर्नर लाइसेंस रखे बिना कोई भी ड्राइविंग टेस्ट नहीं दे सकता। लर्नर लाइसेंस छह महीने के लिए वैध होता है, इसलिए उदाहरण के लिए दिल्ली कहती है कि इसे मिलने के एक महीने बाद और छह महीने के अंदर आवेदन करें। अगर आपका लर्नर लाइसेंस खत्म हो जाए, तो पहले नया लेना होगा; देखें लर्नर लाइसेंस गाइड।
प्रैक्टिकल टेस्ट कैसे होता है?
आपRTOफ़ैसला
- लर्नर लाइसेंस कम से कम 30 दिन रखें
- क्या आपको RTO ड्राइविंग टेस्ट देना है?नहीं: मान्यता प्राप्त सेंटर का Form 5B होने पर छूट मिलती है
- Sarathi पर आवेदन करें, फीस दें और DL टेस्ट स्लॉट बुक करें
- टेस्ट के दिन वाहन और उसके कागज़ साथ लाएँ
- इंस्पेक्टर या ऑटोमेटेड ट्रैक आपका टेस्ट लेता है
- क्या आप पास हुए?नहीं: इंतज़ार करें, ₹300 दें और फिर से बुक करें
- आपका लाइसेंस मंज़ूर होकर डाक से भेजा जाता है
- Sarathi पर अपना राज्य चुनें, फिर Driving Licence → New Driving Licence खोलें, और फीस दें। पूरे कदम और फीस परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस गाइड में हैं।
- Appointments → DL Test Slot Booking में जाकर तारीख चुनें। स्लॉट सिर्फ़ Sarathi के इसी मेनू से बुक होते हैं; बुकिंग पेज सीधे खोलने पर एरर दिखता है।
- टेस्ट के दिन आपके दस्तावेज़ और फ़ोटो की जाँच होती है, फिर आप इंस्पेक्टर के सामने गाड़ी चलाते हैं, या ऐसे ट्रैक पर जहाँ कैमरे और सेंसर आपको अंक देते हैं। तमिलनाडु में टेस्ट मोटर वाहन इंस्पेक्टर (Motor Vehicles Inspector) लेता है।
- पास होने पर लाइसेंस मंज़ूर होता है और डाक से भेजा जाता है।
टेस्ट के दिन क्या लेकर जाएँ?
- आपका लर्नर लाइसेंस और आवेदन का प्रिंटआउट।
- उसी श्रेणी का वाहन जिसके लिए आपने आवेदन किया है। नियम में यह नहीं लिखा कि वाहन कौन लाएगा; अगर ड्राइविंग स्कूल के वाहन के कागज़ वैध हैं तो आप उसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
- वाहन की RC, बीमा सर्टिफिकेट, टैक्स कार्ड और PUC सर्टिफिकेट (तमिलनाडु इनकी सूची देता है)।
- आगे और पीछे L प्लेट, क्योंकि आप अभी लर्नर लाइसेंस पर गाड़ी चला रहे हैं।
- दोपहिया टेस्ट के लिए हेलमेट।
- अगर आपने ड्राइविंग स्कूल से ट्रेनिंग ली है, तो उसका Form 5 सर्टिफिकेट।
नियम 15 में डुअल कंट्रोल (दोहरे कंट्रोल) ज़रूरी नहीं हैं। यह नियम ड्राइविंग स्कूल के वाहनों के लिए है।
परीक्षक क्या जाँचता है?
नियम 15(3) में 24 चीज़ों की सूची है जो आपको करके दिखानी होती हैं। हमने उन्हें यहाँ समूहों में बाँटा है।
शुरू करने से पहले और गाड़ी आगे बढ़ाना
- पीछे देखने वाला शीशा (rear-view mirror) ठीक करें।
- इंजन चालू करने से पहले सही सावधानियाँ बरतें।
- गियर बढ़ाते हुए सुरक्षित और आराम से गाड़ी आगे बढ़ाएँ।
- एक्सीलरेटर, क्लच, गियर, ब्रेक, स्टीयरिंग और हॉर्न का सही इस्तेमाल करें।
वाहन पर नियंत्रण
- धीमे होते समय तुरंत गियर कम करें, और ढलान से नीचे जाने से पहले गियर कम करें।
- खड़ी चढ़ाई पर रुकें और बिना पीछे लुढ़के फिर से आगे बढ़ें।
- गाड़ी को सामान्य रूप से और इमरजेंसी में, दोनों तरह सुरक्षित रोकें।
- अगर वाहन में रिवर्स गियर है, तो बाएँ या दाएँ किसी तंग जगह में रिवर्स करें।
- आगे और रिवर्स गियर से गाड़ी को उल्टी दिशा में घुमाएँ।
- हर समय वाहन पर पूरा नियंत्रण रखें।
सड़क पर गाड़ी चलाना
- सिग्नल देने से पहले शीशा देखकर, बाएँ और दाएँ सही तरह से मुड़ें।
- हाथ से या इंडिकेटर से साफ़ सिग्नल दें, और लेन बदलने से पहले सिग्नल दें।
- सिग्नल देने, आगे बढ़ने, मुड़ने या रुकने से पहले शीशा देखें।
- सुरक्षित ढंग से ओवरटेक करें, दूसरों को ओवरटेक करने दें और दूसरे वाहनों के पास से निकलें।
- बाईं ओर चलें और चौराहों पर सही जगह पर रहें।
- हालात के हिसाब से अपनी रफ़्तार रखें।
सड़क पर दूसरे लोग
- संकेतों (signs), सिग्नल, पुलिस के निर्देशों और दूसरे लोगों के सिग्नल का पालन करें।
- बिना नियंत्रण वाले क्रॉसिंग पर पैदल यात्रियों को पहले जाने दें।
- चौराहों और जंक्शन पर सावधानी रखें।
- पहले से अंदाज़ा लगाएँ कि पैदल यात्री, ड्राइवर और साइकिल वाले क्या करेंगे।
- ध्यान बनाए रखें, और दूसरों के साथ शिष्टता से पेश आएँ।
नियम में किसी खास ट्रैक लेआउट का नाम नहीं है। हर राज्य खुद तय करता है कि इन हुनरों की जाँच कैसे होगी: कई राज्य दोपहिया के लिए आठ (8) के आकार का ट्रैक, और कार के लिए H या S आकार का ट्रैक, पैरेलल पार्किंग और ढलान इस्तेमाल करते हैं। हर वाहन के लिए टिप्स परमानेंट लाइसेंस गाइड में हैं, और ड्राइविंग सिम्युलेटर सड़क के नियम सीखने में मदद करता है।
क्या ड्राइविंग टेस्ट ऑटोमेटेड होता है?
कुछ जगहों पर, हाँ। ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर कैमरे और सेंसर हर मैन्यूवर (हर चाल) रिकॉर्ड करते हैं और इंस्पेक्टर की राय के बिना आपको अंक देते हैं। यह हर राज्य में अलग तरह से होता है, उदाहरण के लिए:
| राज्य या केंद्र शासित प्रदेश | हमें क्या मिला |
|---|---|
| लद्दाख | कुरबाथांग, कारगिल में एक ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर 26 जुलाई 2026 को शुरू हुआ, जो Vahan और Sarathi से जुड़ा है। |
| तमिलनाडु | मोटर वाहन इंस्पेक्टर टेस्ट लेता है, अकेले आवेदकों का या मान्यता प्राप्त ड्राइविंग स्कूलों के ज़रिए। |
अपने RTO से पूछें कि वह कौन-सा लेआउट इस्तेमाल करता है, और टेस्ट से पहले उसी तरह के लेआउट पर अभ्यास करें।
क्या मैं RTO ड्राइविंग टेस्ट से छूट पा सकता हूँ?
हाँ, अगर आप किसी मान्यता प्राप्त ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर (Accredited Driver Training Centre) से ट्रेनिंग लें। 7 जून 2021 के G.S.R. 394(E) में अधिसूचित नियमों के तहत 1 जुलाई 2021 से ये सेंटर चल सकते हैं। इनमें सिम्युलेटर और अलग टेस्ट ट्रैक होता है। इनका कोर्स पास करने पर ये Form 5B में सर्टिफिकेट देते हैं, और सरकार के अनुसार इसे रखने वाले उम्मीदवारों को "ड्राइविंग टेस्ट की ज़रूरत से छूट दी जाएगी"। आपको फिर भी Sarathi पर आवेदन करना होता है, और लाइसेंस लाइसेंसिंग अथॉरिटी ही जारी करती है।
आम ड्राइविंग स्कूल का Form 5 सिर्फ़ यह दिखाता है कि आपने ट्रेनिंग ली है। आपको फिर भी RTO टेस्ट देना होगा। 2024 में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने साफ़ किया कि 1 जून 2024 से कुछ नहीं बदला है: प्राइवेट स्कूल लाइसेंस जारी नहीं करते।
ड्राइविंग टेस्ट में फ़ेल होने पर क्या होता है?
- टेस्ट फीस फिर से दें: नियम 32 के तहत हर श्रेणी के लिए ₹300, साथ में राज्य के चार्ज।
- अपने राज्य की इंतज़ार अवधि के बाद नया स्लॉट बुक करें। नियम 15 में हमें कोई इंतज़ार अवधि नहीं मिली।
- तमिलनाडु: 7 दिन बाद दोबारा टेस्ट। तीन बार फ़ेल होने पर 60 दिन रुकना होता है।
- ओडिशा: दोबारा टेस्ट की फीस दें और नया स्लॉट बुक करें।
- अपने लर्नर लाइसेंस के खत्म होने की तारीख पर नज़र रखें; उसके खत्म होने के बाद आप टेस्ट नहीं दे सकते।
| फ़ेल होने का आम कारण | किसका अभ्यास करें |
|---|---|
| ढलान पर गाड़ी पीछे लुढ़कना | हैंडब्रेक से गाड़ी रोके रखें, क्लच का बाइटिंग पॉइंट पकड़ें, फिर हैंडब्रेक छोड़ें। |
| रिवर्स करते समय लाइन या खंभे को छूना | दोनों तरफ़ तंग जगह में रिवर्स करना, और आगे व रिवर्स गियर से गाड़ी घुमाना। |
| सिग्नल नहीं दिया या शीशा नहीं देखा | हर चाल, मोड़ और रुकने से पहले पहले शीशा, फिर सिग्नल। |
| दोपहिया ट्रैक पर पैर ज़मीन पर रखना | थ्रॉटल और पिछले ब्रेक से तंग मोड़ों में धीमे और स्थिर चलाना। |
| ऑटोमेटेड ट्रैक से जल्दी बाहर कर दिया गया | कुछ ट्रैक पहली गलती पर ही बाहर भेज देते हैं; पूरे लेआउट का तब तक अभ्यास करें जब तक आसानी से न होने लगे। |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
लर्नर लाइसेंस के कितने दिन बाद मैं ड्राइविंग टेस्ट दे सकता हूँ?
कम से कम 30 दिन बाद, और लर्नर लाइसेंस खत्म होने से पहले (यह छह महीने के लिए वैध होता है)।
क्या मुझे अपना वाहन लाना होगा?
आपको उसी श्रेणी का वाहन चाहिए जिसके लिए आपने आवेदन किया है, वैध कागज़ों के साथ। यह आपका अपना होना ज़रूरी नहीं; बहुत से लोग ड्राइविंग स्कूल का वाहन इस्तेमाल करते हैं।
क्या आठ (8) के आकार का या H ट्रैक ज़रूरी है?
केंद्रीय नियम के तहत नहीं। नियम 15 के हुनरों की जाँच के लिए राज्य अपने लेआउट खुद चुनते हैं।
क्या टेस्ट वाले वाहन में डुअल कंट्रोल ज़रूरी है?
नियम 15 के तहत नहीं। डुअल कंट्रोल ड्राइविंग स्कूल के वाहनों के लिए ज़रूरी हैं।
टेस्ट कौन लेता है?
लाइसेंसिंग अथॉरिटी या राज्य सरकार द्वारा अधिकृत कोई व्यक्ति, जैसे मोटर वाहन इंस्पेक्टर, या ऑटोमेटेड ट्रैक।
क्या ड्राइविंग स्कूल का सर्टिफिकेट टेस्ट की जगह ले सकता है?
सिर्फ़ मान्यता प्राप्त ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर का Form 5B। आम स्कूल का Form 5 नहीं।
मैं फ़ेल हो गया। दोबारा कब दे सकता हूँ?
अपने राज्य की इंतज़ार अवधि के बाद, हर श्रेणी के लिए ₹300 देकर और नया स्लॉट बुक करके। तमिलनाडु में यह 7 दिन है, या तीन बार फ़ेल होने के बाद 60 दिन।
स्रोत
- परिवहन विभाग, दिल्ली – परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस (25 अक्टूबर 2026 को देखा गया)
- तमिलनाडु राज्य परिवहन प्राधिकरण – ड्राइविंग लाइसेंस (25 अक्टूबर 2026 को देखा गया)
- ओडिशा परिवहन – आवेदन कैसे करें और फीस (25 अक्टूबर 2026 को देखा गया)
- PIB – मान्यता प्राप्त ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर के नियम, 11 जून 2021 (25 अक्टूबर 2026 को देखा गया)
- PIB – मान्यता प्राप्त ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर और ड्राइविंग स्कूलों पर स्पष्टीकरण, 2024 (25 अक्टूबर 2026 को देखा गया)
- केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख – कुरबाथांग, कारगिल में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर (25 अक्टूबर 2026 को देखा गया)
- केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 – नियम 15, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा प्रकाशित कॉपी (25 अक्टूबर 2026 को देखा गया)
पेज का इतिहास: 25 अक्टूबर 2026: पहली बार प्रकाशित। 25 अक्टूबर 2026: स्रोत केवल सरकारी वेबसाइटों तक सीमित किए गए।