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भारत के ट्रैफ़िक नियम: गति सीमा, ओवरटेक और पार्किंग
भारत के ट्रैफ़िक नियम मोटर वाहन (ड्राइविंग) नियम (Motor Vehicles (Driving) Regulations), 2017 में दिए गए हैं। बाईं ओर चलें, ओवरटेक सिर्फ़ दाईं ओर से करें, बिना सिग्नल वाले चौराहे पर अपनी दाईं ओर से आ रहे वाहन को और गोल चक्कर में पहले से मौजूद वाहनों को पहले जाने दें, और हाथ में फ़ोन लेकर बात न करें। अप्रैल 2018 की अधिसूचना के अनुसार कारें एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे पर 120 km/h, चार लेन वाली डिवाइडर वाली सड़क पर 100 km/h और शहर में 70 km/h तक चल सकती हैं, लेकिन बोर्ड पर लिखी कम सीमा ही लागू होती है।
- किस ओर चलें
- बाईं ओर
- ओवरटेक
- दाईं ओर से
- शहर में कार
- 70 km/h तक
- स्कूल ज़ोन
- 25 km/h या कम
- कानून
- ड्राइविंग नियम (Driving Regulations), 2017
इस पेज पर
बाईं ओर कैसे चलें और लेन का इस्तेमाल कैसे करें?
- जितना हो सके बाईं ओर चलें और सामने से आ रहे ट्रैफ़िक को अपनी दाईं ओर से निकलने दें (नियम 4(3))।
- जब कोई आपको ओवरटेक कर रहा हो, मोड़ या पहाड़ी की चोटी के पास, और जहाँ भी आगे साफ़ न दिख रहा हो, वहाँ बाईं ओर रहें (नियम 4(4))।
- डिवाइडर वाली सड़क पर बाईं तरफ़ का हिस्सा (कैरिजवे) इस्तेमाल करें, जब तक कोई और निर्देश न हो (नियम 4(2))।
- कई लेन वाली सड़क पर भारी और धीमे वाहन बाईं लेन में रहें, सिर्फ़ ओवरटेक करने के लिए लेन बदलें (नियम 4(5))।
- वन-वे सड़क पर या ट्रैफ़िक की उलटी दिशा में कभी न चलें (नियम 4(6), 4(7))।
- अपनी लेन में चलें, लेन बदलने से पहले इंडिकेटर दें, और दूसरे वाहनों के लिए आरक्षित लेन, जैसे बस लेन, में न जाएँ (नियम 6)।
- चौराहे पर उसी लेन में रहें जो आपकी जाने की दिशा के लिए है (नियम 6(5))।
यू-टर्न और गाड़ी पीछे करना
जहाँ बोर्ड या सिग्नल मना करे, लगातार ट्रैफ़िक वाली व्यस्त सड़क पर, मुख्य सड़क, हाईवे या एक्सप्रेसवे पर, या ठोस सिंगल या डबल लाइन पार करके यू-टर्न लेना मना है (नियम 8(3))। जहाँ इसकी अनुमति हो, वहाँ शीशे और ब्लाइंड स्पॉट देखें और सभी वाहनों, पैदल यात्रियों और साइकिल वालों को पहले जाने दें।
गाड़ी सिर्फ़ उतनी ही पीछे करें जितनी मुड़ने के लिए ज़रूरी हो। किसी गली से निकलकर मुख्य सड़क पर या वन-वे सड़क में गाड़ी पीछे की ओर कभी न ले जाएँ (नियम 18, 4(8))।
ओवरटेक कब कर सकते हैं?
ओवरटेक दाईं ओर से करें। बाईं ओर से आगे निकलना सिर्फ़ तीन हालात में ठीक है: कई लेन वाली सड़क पर जहाँ बाईं लेन इसके लिए चिह्नित हो, जब आगे वाला वाहन दाईं ओर मुड़ रहा हो या यू-टर्न ले रहा हो और उसने इंडिकेटर दिया हो, या जब वाहन खड़ा हो (नियम 14(2))।
आपफ़ैसलापूरा
- आगे दूर तक और पीछे अच्छी तरह देखें
- क्या सड़क खाली है, और आगे कोई ठोस लाइन, मोड़, चौराहा या क्रॉसिंग नहीं है?नहीं: पीछे रहें और इंतज़ार करें
- शीशे देखें और दाईं ओर का इंडिकेटर दें
- दाईं ओर से आगे निकलें
- इंडिकेटर दें और सुरक्षित होते ही बाईं ओर लौट आएँ
ओवरटेक न करें (नियम 14(5)):
- जब साफ़ न दिखे कि आगे सड़क खाली है;
- जहाँ बोर्ड मना करे, या ठोस लाइन पार करके;
- मोड़, कोने पर या जहाँ भी ठीक से न दिखे;
- चौराहे, जंक्शन या पैदल यात्री क्रॉसिंग पर या उसके पास;
- जहाँ सड़क सँकरी हो जाए, या सँकरे पुल या पुलिया पर;
- बोर्ड लगे स्कूल, अस्पताल या निर्माण क्षेत्र में।
दूसरों को आगे निकलने का इशारा करने के लिए दाईं ओर का इंडिकेटर न दें। आबादी वाले इलाकों के बाहर ओवरटेक करने से पहले आप थोड़ा हॉर्न या हेडलाइट की फ़्लैश दे सकते हैं (नियम 14(6)–(8))। जब कोई आपको ओवरटेक करे, तो अपनी रफ़्तार न बढ़ाएँ और उसका वापस लौटने का रास्ता न रोकें (नियम 14(9))।
पहले जाने का अधिकार किसका है?
चौराहे पर
- जिस चौराहे पर सिग्नल, पुलिस या बोर्ड न हों, वहाँ आपकी दाईं ओर से आ रहा वाहन पहले जाएगा (नियम 9(2))।
- छोटी सड़क से निकलकर मुख्य सड़क पर आते समय, मुख्य सड़क के ट्रैफ़िक को पहले जाने दें (नियम 15(2))।
- STOP बोर्ड पर लाइन पर रुकें; Give Way बोर्ड पर धीमे हों और दूसरों को पहले जाने दें। दोनों जगह पैदल यात्रियों को पहले जाने दें, भले ही वहाँ ज़ेब्रा क्रॉसिंग न बनी हो (नियम 7)।
- अगर ट्रैफ़िक रुका हुआ है तो चौराहे में न घुसें, भले ही बत्ती हरी हो (नियम 9(3))।
- किसी परिसर या गेट से बाहर निकलते समय, सड़क पर पहले से चल रहे वाहनों को पहले जाने दें (नियम 7(5))।
गोल चक्कर पर
- गोल चक्कर में पहले से मौजूद ट्रैफ़िक को पहले जाने का अधिकार है (नियम 10(1))।
- जिस रास्ते से निकलना है उसके हिसाब से लेन चुनें, और लेन बदलते समय इंडिकेटर दें (नियम 10(2), 10(3))।
- भारत में बाईं ओर चलते हैं, इसलिए ट्रैफ़िक घड़ी की सुई की दिशा में घूमता है और बीच का गोला उसकी दाईं ओर रहता है।
हाईवे पर चढ़ते समय
- राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग या मुख्य ज़िला सड़क के ट्रैफ़िक को पहले जाने दें (नियम 15(1))।
- एक्सेलरेशन लेन का इस्तेमाल करें, शीशे देखें और मिलने से पहले इंडिकेटर दें, और हाईवे पर आते ही ओवरटेक न करें (नियम 15(3)–(5))।
पहाड़ी सड़क पर
- नीचे उतर रहा वाहन बाईं ओर रुककर ऊपर चढ़ रहे वाहन को निकलने देता है (नियम 21)।
- मोड़ और पहाड़ी की चोटी के पास बाईं ओर रहें (नियम 4(4))।
आपातकालीन वाहन
- सायरन और चमकती बत्ती वाले फ़ायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस या पुलिस वाहन को पहले जाने का अधिकार है (नियम 27)।
- जितना हो सके बाईं ओर, फ़ुटपाथ के किनारे के पास हो जाएँ, और ज़रूरत हो तो रुक जाएँ।
- आपातकालीन वाहन के 50 m के अंदर उसके पीछे न चलें।
- अगर कई एक साथ आएँ, तो पहले फ़ायर ब्रिगेड, फिर एम्बुलेंस, फिर पुलिस वाहन को रास्ता दें।
पैदल यात्री और दूसरे लोग
- बिना सिग्नल वाली क्रॉसिंग पर धीमे हों, रुकें और पैदल यात्रियों को, व्हीलचेयर वालों समेत, पहले जाने दें (नियम 39(1))।
- अगर आप क्रॉसिंग पार करके आगे नहीं निकल सकते, तो उस पर गाड़ी न ले जाएँ, और फ़ुटपाथ या साइकिल ट्रैक पर कभी गाड़ी न चलाएँ (नियम 39(2), 39(3))।
- साइकिल वालों, बच्चों, बुज़ुर्गों और दिव्यांग लोगों के आसपास खास ध्यान रखें (नियम 5(4))।
- अंतिम यात्रा, जुलूस, मार्च करती सेना की टुकड़ी और जानवरों के पास धीमे होकर सावधानी से निकलें। अगर वे सड़क पार कर रहे हों, तो रुककर उन्हें पार करने दें (नियम 25)।
पुलिस अधिकारी का इशारा सभी बत्तियों और बोर्डों से ऊपर है (नियम 24)। इन हालात का अभ्यास एनिमेटेड टेस्ट में करें।
भारत में गति सीमा कितनी है?
केंद्र की अधिकतम गति सीमाएँ सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 6 अप्रैल 2018 की अधिसूचना S.O. 1522(E) में तय की थीं। ये ऊपरी सीमाएँ हैं: बोर्ड पर लिखी कम सीमा का पालन करें।
| वाहन | एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे | चार या ज़्यादा लेन वाली डिवाइडर वाली सड़क | शहर और दूसरी सड़कें |
|---|---|---|---|
| कार (ड्राइवर के अलावा 8 सीट तक) | 120 | 100 | 70 |
| बस (ड्राइवर के अलावा 9 या ज़्यादा सीट) | 100 | 90 | 60 |
| माल वाहन | 80 | 80 | 60 |
| मोटरसाइकिल | 80, जहाँ अनुमति हो | 80 | 60 |
| क्वाड्रिसाइकिल | – | 60 | 50 |
| तिपहिया | – | 50 | 50 |
- अधिसूचना के अनुसार, अगर पकड़ी गई रफ़्तार सीमा से 5% के अंदर है, तो ओवरस्पीडिंग की कार्रवाई नहीं होती।
- राज्य सरकारें अपनी सड़कों पर बोर्ड लगाकर कम सीमा तय कर सकती हैं, लेकिन ज़्यादा नहीं (मोटर वाहन अधिनियम, धारा 112)।
- बोर्ड लगे स्कूल, अस्पताल और निर्माण स्थल के पास, और बिना फ़ुटपाथ वाली उन सड़कों पर जहाँ लोग सड़क पर चलते हैं, 25 km/h या उससे कम पर चलें (नियम 16(5))।
- कोहरे, बारिश या तूफ़ान में इतनी धीमी गाड़ी चलाएँ कि जितनी दूर तक दिख रहा है उतनी दूरी में रुक सकें (नियम 16(2))। बिना वजह इतनी धीमी भी न चलाएँ कि ट्रैफ़िक रुक जाए (नियम 16(4))।
आगे वाले वाहन से कितनी दूरी रखें?
इतनी कि अगर आगे वाला वाहन अचानक रुक जाए तो आप सुरक्षित रुक सकें, और बारिश या गीली सड़क पर इससे ज़्यादा (नियम 17)। नियमों में सेकंड या मीटर की कोई संख्या नहीं दी गई है। जब कोई आपके पीछे हो, तो बिना वजह अचानक ब्रेक न लगाएँ।
कहाँ रुकना या पार्क करना मना है?
नियम 22 के तहत इन जगहों पर रोक है, भले ही वहाँ कोई बोर्ड न हो।
थोड़ी देर के लिए भी न रुकें
- सँकरी सड़क पर, जहाँ आगे न दिखे, या तीखे मोड़ पर
- एक्सेलरेशन या डीसेलरेशन लेन में
- पैदल यात्री क्रॉसिंग पर या उससे 5 m पहले तक
- रेलवे लेवल क्रॉसिंग पर
- ट्रैफ़िक लाइट, Give Way या STOP बोर्ड से 5 m पहले तक
- बस स्टॉप पर, जब तक आप बस न चला रहे हों
- पीले बॉक्स में, या जहाँ No Stopping बोर्ड लगा हो
पार्क न करें
- हर उस जगह जहाँ रुकना मना है
- ऐसी मुख्य सड़क पर जहाँ अधिसूचित सीमा 50 km/h या उससे ज़्यादा हो
- फ़ुटपाथ, साइकिल ट्रैक या पैदल यात्री क्रॉसिंग पर
- चौराहे से 50 m के अंदर, उससे पहले या बाद में
- बस स्टॉप, स्कूल या अस्पताल के गेट के पास, या जहाँ कोई बोर्ड या फ़ायर हाइड्रेंट ढक जाए
- सुरंग में या बस लेन में
- किसी परिसर के गेट के सामने
- किनारे (कर्ब) पर बनी लगातार पीली लाइन के साथ
- फ़ुटपाथ के किनारे से दूर, या दूसरी खड़ी गाड़ी के बगल में (डबल पार्किंग)
- तय समय से ज़्यादा, किसी और के लिए आरक्षित या दिव्यांगों की जगह में, या चिह्नित जगह के बाहर
- जहाँ No Parking बोर्ड लगा हो
हॉर्न, लाइट और फ़ोन के क्या नियम हैं?
हॉर्न
हॉर्न सिर्फ़ तब बजाएँ जब खतरा दिखे, और जहाँ बोर्ड पर हॉर्न बजाने को कहा गया हो। रिहायशी इलाकों या बोर्ड लगे साइलेंस ज़ोन में लगातार या बार-बार हॉर्न न बजाएँ, और एयर हॉर्न, मल्टी-टोन हॉर्न या साइलेंसर कट-आउट न लगवाएँ (नियम 23)।
लाइट
- शाम ढलने से सुबह होने तक और जब भी कम दिखे, लाइट जलाएँ। दोपहिया वाहन दिन में भी डिप्ड (नीची) हेडलाइट जलाकर चलें (नियम 31)।
- सिर्फ़ पार्किंग लाइट जलाकर गाड़ी न चलाएँ। सामने से ट्रैफ़िक आने पर और किसी वाहन के करीब पीछे चलते समय हेडलाइट नीची करें, और अच्छी रोशनी वाली सड़कों पर हाई बीम न जलाएँ।
- फ़ॉग लैंप सिर्फ़ तब जलाएँ जब कोहरा, धूल, बारिश या बर्फ़ की वजह से बहुत कम दिखे, और साथ में डिप्ड हेडलाइट भी जलाएँ।
- सुरंग में डिप्ड लाइट जलाएँ, और वहाँ ओवरटेक, यू-टर्न या गाड़ी पीछे न करें (नियम 20)।
फ़ोन, सीट बेल्ट और हेलमेट
- गाड़ी चलाते समय हाथ में मोबाइल फ़ोन या कोई दूसरा संचार उपकरण इस्तेमाल न करें (नियम 37)। नेविगेशन के अलावा कोई वीडियो न देखें और तेज़ आवाज़ में संगीत न बजाएँ (नियम 5)।
- ड्राइवर और हर यात्री, जहाँ सीट बेल्ट लगी हो, सीट बेल्ट पहनें। 12 साल या उससे कम उम्र का बच्चा, जहाँ उपलब्ध हो, चाइल्ड सीट (चाइल्ड रेस्ट्रेंट) इस्तेमाल करे (नियम 5(7), 5(8))।
- दोपहिया पर हेलमेट पहनें, इशारा करने के अलावा दोनों हाथ हैंडल पर रखें, और किसी दूसरे वाहन को पकड़कर या धक्का देकर न चलें (नियम 5)।
40 km/h सीमा वाली शहरी सड़कों पर मोटरसाइकिल कारों के बीच से सिर्फ़ वहीं निकल सकती हैं जहाँ बोर्ड इसकी अनुमति दें और रफ़्तार का अंतर 15 km/h से ज़्यादा न हो (नियम 33)।
टोइंग, रेलवे क्रॉसिंग और गाड़ी खराब होने पर क्या नियम हैं?
टोइंग
- दोपहिया वाहन न किसी को खींच सकते हैं, न खुद खींचे जा सकते हैं।
- 25 km/h या उससे कम पर चलें, दोनों वाहनों के बीच 5 m से ज़्यादा दूरी न हो, और रस्सी या ज़ंजीर साफ़ दिखनी चाहिए।
- खींचने वाले वाहन के आगे और खींचे जा रहे वाहन के पीछे रिफ़्लेक्टिव "ON TOW" बोर्ड लगाएँ, और रात में या खराब मौसम में हैज़र्ड लाइट जलाएँ (नियम 30)।
रेलवे लेवल क्रॉसिंग
- ट्रेन को हमेशा पहले जाने का अधिकार है। धीमे हों, बाईं ओर रहें, और फाटकों के बीच न पार्क करें, न ओवरटेक करें (नियम 19)।
- फाटक वाली क्रॉसिंग पर, फाटक बंद हो या बंद हो रहा हो, या सिग्नल लाल हो, तो अंदर न जाएँ।
- बिना फाटक वाली क्रॉसिंग पर, यह पक्का करने के बाद ही पार करें कि कोई ट्रेन नज़र नहीं आ रही।
- बस, स्कूल बस, माल वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली और खतरनाक सामान ले जा रहे वाहनों को रुकना होगा। कंडक्टर या क्लीनर आगे पैदल जाकर दोनों तरफ़ देखता है और वाहन को पार कराता है; अगर कोई न हो, तो ड्राइवर खुद पैदल जाकर देखता है (नियम 19(4); मोटर वाहन अधिनियम, धारा 131)।
गाड़ी खराब होने पर
हैज़र्ड लाइट जलाएँ। हाईवे और तेज़ सड़कों पर, दो से ज़्यादा पहियों वाला वाहन अपने 50 m पीछे रिफ़्लेक्टिव चेतावनी त्रिकोण रखे, या अगर वह मोड़ पर रुका है तो मोड़ से पहले (नियम 28)। सुरंग में तभी रुकें जब कोई और रास्ता न हो, और 20 m आगे और पीछे त्रिकोण रखें (नियम 20)।
ट्रैक्टर पर सवारी नहीं बैठाई जा सकती, और माल वाहन में किराये पर लोगों को नहीं ले जाया जा सकता (नियम 32)।
लोग अक्सर कौन-से ट्रैफ़िक नियम गलत समझते हैं?
| गलतफ़हमी | असली नियम |
|---|---|
| "कार किसी भी हाईवे पर 120 km/h पर चल सकती है" | 120 km/h सिर्फ़ एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे के लिए है; चार लेन वाली डिवाइडर वाली सड़क पर 100 km/h, बाकी जगह 70 km/h, और बोर्ड पर कम सीमा हो तो वही लागू। |
| "दाईं ओर जगह न हो तो बाईं ओर से निकल सकते हैं" | सिर्फ़ नियम 14(2) के तीन हालात में: चिह्नित बाईं लेन, दाईं ओर मुड़ता वाहन, या खड़ा वाहन। |
| "No Parking बोर्ड नहीं है, तो पार्क कर सकते हैं" | नियम 22 बिना बोर्ड के भी कई जगहों पर रोक लगाता है, जैसे चौराहे से 50 m के अंदर, फ़ुटपाथ या फ़ायर हाइड्रेंट। |
| "हरी बत्ती है, तो जाना ही है" | अगर आगे ट्रैफ़िक रुका हुआ है, तो चौराहे में न घुसें। |
| "3 सेकंड का कानूनी नियम है" | नियमों में कोई संख्या तय नहीं है: इतनी दूरी रखें कि सुरक्षित रुक सकें। |
| "किसी भी रस्सी से किसी भी रफ़्तार पर टो कर सकते हैं" | 25 km/h तक, 5 m तक की दूरी, ON TOW बोर्ड के साथ; दोपहिया से कभी नहीं। |
| "बोर्ड न हो तो कहीं भी यू-टर्न ले सकते हैं" | हाईवे, एक्सप्रेसवे या व्यस्त सड़कों पर नहीं, और ठोस लाइन पार करके नहीं। |
बोर्ड, सड़क के निशान और बत्तियों की जानकारी सड़क संकेत और सड़क के निशान और सिग्नल पेज पर है। मॉक टेस्ट या ड्राइविंग सिम्युलेटर से खुद को परखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
एक्सप्रेसवे पर कारों के लिए गति सीमा कितनी है?
अप्रैल 2018 की अधिसूचना के अनुसार एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे पर 120 km/h तक, जब तक बोर्ड पर कम सीमा न लिखी हो।
शहर में गति सीमा कितनी है?
अप्रैल 2018 की अधिसूचना के अनुसार: कार के लिए 70 km/h, बस, माल वाहन और मोटरसाइकिल के लिए 60 km/h, और तिपहिया व क्वाड्रिसाइकिल के लिए 50 km/h, जब तक बोर्ड पर कम सीमा न लिखी हो।
स्कूल या अस्पताल के पास गति सीमा कितनी है?
जहाँ बोर्ड पर ज़ोन दिखाया गया हो, वहाँ 25 km/h या उससे कम।
क्या गाड़ी चलाते समय फ़ोन इस्तेमाल कर सकते हैं?
हाथ में लेकर नहीं। नियम 37 गाड़ी चलाते समय हाथ में फ़ोन या कोई संचार उपकरण इस्तेमाल करने पर रोक लगाता है।
बिना सिग्नल वाले चौराहे पर पहले कौन जाएगा?
आपकी दाईं ओर से आ रहा वाहन, सिवाय तब के जब आप छोटी सड़क से मुख्य सड़क पर आ रहे हों; तब मुख्य सड़क का ट्रैफ़िक पहले जाएगा।
क्या पीछे बैठे यात्रियों को भी सीट बेल्ट पहननी है?
हाँ। जहाँ सीट बेल्ट लगी हो, वहाँ हर यात्री को सीट बेल्ट पहननी है।
चौराहे से कितनी दूर पार्क कर सकते हैं?
उससे 50 m के अंदर नहीं, न पहले, न बाद में।
बिना फाटक वाली रेलवे क्रॉसिंग पर क्या करें?
रुकें, दोनों तरफ़ देखें और तभी पार करें जब कोई ट्रेन नज़र न आ रही हो। बस, माल वाहन और खतरनाक सामान वाले वाहनों के लिए किसी का आगे पैदल जाकर देखना ज़रूरी है।
जुर्माने कहाँ देखें?
जुर्माने मोटर वाहन अधिनियम और राज्यों की अधिसूचनाओं से तय होते हैं और समय के साथ बदलते रहे हैं, इसलिए यह पेज उनकी सूची नहीं देता। अपने राज्य की ट्रैफ़िक पुलिस की वेबसाइट देखें।
स्रोत
- मोटर वाहन (ड्राइविंग) नियम (Motor Vehicles (Driving) Regulations), 2017 (G.S.R. 634(E)), केरल पुलिस के सर्कुलर 15/2018 में दिए गए रूप में: नियम 4–10, 14–25, 27, 28, 30–33, 37 और 39 (25 अक्टूबर 2026 को देखा गया)
- सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की अधिसूचना S.O. 1522(E), 6 अप्रैल 2018 – अधिकतम गति सीमाएँ (भारत के राजपत्र की प्रति, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय) और PIB – राष्ट्रीय राजमार्गों पर गति सीमा (19 जुलाई 2018) (25 अक्टूबर 2026 को देखा गया)
- मोटर वाहन अधिनियम, 1988, अध्याय VIII (सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय): धारा 112 – गति की सीमा; धारा 131 – बिना फाटक वाली रेलवे लेवल क्रॉसिंग (25 अक्टूबर 2026 को देखा गया)
- हावड़ा ग्रामीण पुलिस (पश्चिम बंगाल सरकार) – ट्रैफ़िक संकेत और सड़क के निशान (25 अक्टूबर 2026 को देखा गया)
पेज का इतिहास: 25 अक्टूबर 2026: पहली बार प्रकाशित। 25 अक्टूबर 2026: स्रोत केवल सरकारी वेबसाइटों तक सीमित किए गए।